Wall Street Money Never Sleeps Hindi
फिल्म 2008 के वित्तीय मंदी को बहुत गहराई से दिखाती है। यह बताती है कि कैसे बड़े बैंक और हेज फंड गलत तरीके से डेरिवेटिव्स और सबप्राइम मॉर्टगेज बेचकर "बबल" (Bubble) बना रहे थे, जो अंततः फट गया। कल्याण (Redemption) या बदला?
फिल्म का शीर्षक ही इसका सबसे बड़ा फलसफा है। वैश्वीकरण (Globalization) के इस दौर में, जब न्यूयॉर्क में बाजार बंद होता है, तो टोक्यो में खुल जाता है। जब टोक्यो बंद होता है, तो लंदन में ट्रेडिंग शुरू हो जाती है। पैसा चौबीसों घंटे, सातों दिन घूम रहा है। इस दौड़ में शामिल लोग भी कभी नहीं सोते। उनका दिमाग हर वक्त सिर्फ एक ही चीज सोचता है — अधिक मुनाफा।
Using confidential, non-public information about a company to trade its stock and make illegal profits.
जेक मूर का किरदार नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है जो पैसा कमाना चाहती है लेकिन दुनिया को बेहतर बनाकर (Clean Energy के जरिए)। दूसरी तरफ ब्रेटन जेम्स और पुराने फाइनेंसर हैं जो सिर्फ तेल, कोयले और पारंपरिक तरीकों से मुनाफा कमाना चाहते हैं, चाहे पर्यावरण को कितना भी नुकसान क्यों न हो।
When a financial institution takes massive risks because they know they will be bailed out by the government if things go wrong. wall street money never sleeps hindi
Wall Street Money Never Sleeps: वित्तीय दुनिया का कड़वा सच (Hindi Review & Analysis)
Wall Street: Money Never Sleeps मनोरंजन के साथ-साथ निवेशकों को कई महत्वपूर्ण वित्तीय सबक भी देती है:
माइकल डगलस ने एक बार फिर साबित किया कि गॉर्डन गेक्को का किरदार उनसे बेहतर कोई नहीं निभा सकता।
फिल्म के आखिरी दृश्यों में गॉर्डन गेक्को को यह अहसास होता है (भले ही देर से) कि अरबों डॉलर की संपत्ति भी उसे वह खुशी नहीं दे सकती जो उसका पोता या उसकी बेटी का एक मुस्कुराता हुआ चेहरा दे सकता है। wall street money never sleeps hindi
फिल्म की कहानी और पृष्ठभूमि
फिल्म की कहानी का केंद्र जेक मूर (Shia LaBeouf) है — एक महत्वाकांक्षी ऊर्जा ट्रेडर, जो नवीकरणीय ऊर्जा पर आधारित एक विशाल परियोजना का सपना देखता है。उसे अपनी मंगेतर विनी (Carey Mulligan) से प्यार है, लेकिन विनी अपने पिता गेक्को से इतनी दूर चली गई है कि उनके बीच कड़वाहट के सिवा कुछ नहीं बचा। जेक का मेंटर और सरोगेट पिता लुईस ज़ेबेल (Frank Langella) की इनवेस्टमेंट फर्म, केलर ज़ेबेल, अचानक ढह जाती है।
(2010) ऑस्कर विजेता निर्देशक ओलिवर स्टोन द्वारा निर्देशित, 1987 की क्लासिक फिल्म 'Wall Street' का बहुप्रतीक्षित सीक्वल है। यह फिल्म न केवल गोर्डन गेको (माइकल डगलस) की वापसी का प्रतीक है, बल्कि यह 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट (Global Financial Crisis) की पृष्ठभूमि पर आधारित है।
फिल्म की शुरुआत गॉर्डन गेक्को (माइकल डगलस) की जेल से रिहाई के साथ होती है, जो insider trading के आरोप में अपनी सजा काट चुका है। बाहर आने पर, वह खुद को एक ऐसी वित्तीय दुनिया में पाता है जो उसके पुराने समय से भी अधिक जटिल और खतरनाक हो चुकी है। wall street money never sleeps hindi
ने इसे सराहा:
1. फिल्म की कहानी: गोर्डन गेको का पुनरागमन (The Plot)
माइकल डगलस ने एक बार फिर गॉर्डन गेक्को के रूप में शानदार अभिनय किया है। हालांकि, इस बार उनका किरदार 1987 की फिल्म जितना क्रूर नहीं है, बल्कि उसमें एक बूढ़े पिता की लाचारी और चालाकी का मिश्रण है। शिया ला बियॉफ़ ने एक आधुनिक, तकनीक-प्रेमी ट्रेडर के रूप में अच्छा काम किया है। ओलिवर स्टोन का निर्देशन न्यूयॉर्क के वित्तीय जिले की चमक-दमक और उसके पीछे छिपे अंधेरे को बखूबी उजागर करता है। निष्कर्ष