Hindi Pdf Download [exclusive] - 125 Crpc Affidavit In
(आवेदिका के हस्ताक्षर)
बैंक बैलेंस, सावधि जमा (FD), वाहन, गहने, और अचल संपत्ति (मकान/जमीन)।
पात्र व्यक्ति सरकारी खर्च पर वकील और कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं。 Rajnesh vs. Neha and Ors. (04.11.2020 - SC) - S3waas
An affidavit is a voluntary, sworn statement made in writing, confirmed by an oath or affirmation before a Notary Public, Oath Commissioner, or Judicial Magistrate.
यह कि मुझे और मेरे बच्चों के गुजारे, शिक्षा और चिकित्सा के लिए प्रतिवादी से प्रति माह [मांगी गई राशि] रुपये अंतरिम भरण-पोषण के रूप में दिलाए जाना अत्यंत आवश्यक और न्यायसंगत है। 125 crpc affidavit in hindi pdf download
सबसे सुरक्षित तरीका यह है कि आप अपने स्थानीय पारिवारिक न्यायालय के किसी वकील या नोटरी से इसका सटीक प्रारूप लें, क्योंकि राज्यों के अनुसार स्थानीय नियमों में मामूली बदलाव हो सकते हैं।
जब कोई पत्नी अपने पति से गुजारा भत्ता (Maintenance) पाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाती है, तो माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार दोनों पक्षों (पति और पत्नी) को अदालत के सामने अपनी वास्तविक वित्तीय स्थिति स्पष्ट करनी होती है। इसके लिए जो कानूनी दस्तावेज जमा किया जाता है, उसे कहते हैं।
का उद्देश्य उपेक्षित पत्नी, नाबालिग बच्चों, या असमर्थ माता-पिता को तुरंत आर्थिक राहत (गुजारा भत्ता) प्रदान करना है। यदि पति या बेटा/बेटी आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद भरण-पोषण करने से मना करते हैं, तो वे मजिस्ट्रेट की अदालत में आवेदन कर सकते हैं।
शपथ पत्र भरते समय ध्यान रखने योग्य जरूरी बातें If possible, have a legal aid lawyer or
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✅ An incorrectly drafted affidavit can delay or weaken your case. If possible, have a legal aid lawyer or paralegal review it before notarization.
भारत में पारिवारिक और वैवाहिक विवादों के दौरान पत्नी, बच्चों या माता-पिता के भरण-पोषण (Maintenance) के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 144 — जिसे पहले के रूप में जाना जाता था — के तहत याचिका दायर की जाती है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले रजनेश बनाम नेहा (Rajnesh vs Neha) के बाद अब कोर्ट में भरण-पोषण के मामले में अपनी संपत्ति और आय का विस्तृत विवरण (Assets and Liabilities) देना कानूनी रूप से अनिवार्य हो गया है। यदि आप भी इस कानूनी प्रक्रिया से गुजर रहे हैं, तो कोर्ट में जमा करने के लिए आपको 125 CrPC Affidavit Format in Hindi की आवश्यकता होगी।
जब कोई पत्नी, बच्चे या बुजुर्ग माता-पिता भरण-पोषण के लिए न्यायालय में आवेदन करते हैं, तो अदालत को दोनों पक्षों की वास्तविक वित्तीय स्थिति जानने की आवश्यकता होती है। date of marriage
नाम, आयु, वर्तमान पता, शादी की तारीख और अलग होने की तारीख।
Please note that the affidavit format may vary depending on the specific requirements of the court or the case. It's always best to consult with a lawyer or a legal expert to ensure that your affidavit is properly drafted and executed.
धारा 125 दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) के तहत गुजारा भत्ता (Maintenance) प्राप्त करने की प्रक्रिया में हलफनामा (Affidavit) एक अनिवार्य कानूनी दस्तावेज है। उच्चतम न्यायालय ने मामले में यह अनिवार्य कर दिया है कि दोनों पक्षकारों (पति और पत्नी) को अपनी आय, संपत्ति और देनदारियों का पूर्ण विवरण देने के लिए 'आय का शपथ पत्र' (Affidavit of Disclosure) दाखिल करना होगा।
आय और संपत्ति का सत्य विवरण。
Full name, age, residence, date of marriage, and date of separation. Professional Details:
इस फॉर्म को भरने के बाद इसे नोटरी पब्लिक या ओथ कमिश्नर (Oath Commissioner) से प्रमाणित करवाना अनिवार्य है।